कौन हैं माधवी लता? जिन्होंने दुनिया का सबसे ऊंचा चेनाब ब्रिज का किया निर्माण
यह पुल 1,315 मीटर लंबा है और एफिल टॉवर से 35 मीटर छोटा है इसकी आयु 120 वर्ष बताई गई है. इस पुल को बनाने में 1,486 करोड़ रूपये की लागत आई है.
इस पुल के निर्माण में बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) में प्रोफेसर माधवी लता का बहुत बड़ा योगदान है.
माधवी के पुल डिजाइन से लेकर निर्माण तक बड़ा योगदान रहा है
माधवी ने 1992 में जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया.
NIT वारंगल से एमटेक में गोल्ड मेडल हासिल किया और IIT मद्रास से 2000 में PhD पूरी की. और आज वह भी प्रोफेसर है. उन्हें 2021 में बेस्ट वुमन जियोटेक्निकल रिसर्चर खिताब भी मिला.
8 मई 2025 को इंडियन महिला विशेषांक में लेख प्रकाशित हुआ जिसका नाम था डिजाइन ऐज यू गो: द केस स्टडी.
इसमें उन्होंने इसमें 17 साल से हुए इस निर्माण की चुनौतियों के बारे और सीखो के बारे में बताया है.
उनकी शोध रुचियों में भू-यांत्रिकी के सूक्ष्म से स्थूल तक, टिकाऊ मृदा सुदृढ़ीकरण, भूकंप भू-तकनीकी इंजीनियरिंग और चट्टान इंजीनियरिंग शामिल हैं.
वह भारतीय भू-तकनीकी सोसायटी से भू-तकनीकी इंजीनियरिंग में सर्वश्रेष्ठ महिला शोधकर्ता पुरस्कार पाने वाली पहली प्राप्तकर्ता हैं. उन्हें I IISc का प्रोफ़ेसर एसके चटर्जी उत्कृष्ट शोधकर्ता पुरस्कार भी मिला है.