अखिर क्या है May Day कॉल? जानिए इसकी पूरी प्रक्रिया
विमान हादसे के बाद मेडे शब्द का इस्तेमाल कई बार किया जाता है और ये एविएशन और मैरिटाइम इमरजेंसी के लिहाज़ से बहुत अहम होता है.
एफएए के अनुसार मेडे एक डिस्ट्रेस कॉल यानी तनाव के वक़्त लगाई जाने वाली मदद की गुहार है जो अंतरराष्ट्रीय तौर पर मान्य एक रेडियो सिग्नल है
ये कॉल अत्यंत तनाव या ख़तरे के हालात में किए जाते हैं क्योंकि ऐसे कॉल को सबसे ज़्यादा गंभीरता से लिया जाता है.
जब हवाई जहाज और तनाव विशेष तौर पर जिंदगियां खतरे में हो तब ही मेडे की गुहार लगाई जाती है.
ऐसे में यह सलाह दी जाती है कि मेडे को कम से कम तीन बार बोला जाए जिससे वो ट्रांसमिशन के दौरान रुकावट में साफ़ सुनाई दे.
ये कॉल खास तौर पर हवाई जहाज़ उड़ा रहा पायल्ट या फिर पानी के जहाज़ के कप्तान की तरफ से किया जाता है.
ये कॉल इंजन फेल, आग लगने, कंट्रोल खोने या फिर किसी गंभीर स्थिति में किया जाता है जिसमें यात्रियों की जान को खतरा हो.
मेडे कॉल आते ही उस फ्रीक्वेंसी पर मौजूद अन्य रेडियो ट्रैफ़िक को रोक कर एयर ट्रैफिक कंट्रोल पूरी तरह से रेस्क्यू में जुट जाता है.
मेडे एक अंतरराष्ट्रीय तौर पर स्वीकृत डिस्ट्रेस कॉल है जिसकी रेडियो कॉल में एक निश्चित प्रक्रिया होती है, इसमें कॉल न केवल सुनी जाती है बल्कि प्रतिक्रिया भी दी जाती है.