Jagannath Puri Rath Yatra के पुराने रथों का क्या किया जाता है, जाने इसका हैरान करने वाला सच

ओडिशा के पुरी में जगन्‍नाथ रथ यात्रा की तैयारी शुरु हो चुकी है साथ ही रथों को तैयार करने का काम भी अंतिम चरण तक पहुंच चुका है.

इस विश्‍वप्रसिद्ध जगन्‍नाथ रथ यात्रा में शामिल होने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं और इन भव्‍य व पवित्र रथों को अपने हाथों से खींचते हैं.

ऐसा माना जाता की इससे सारे पाप नष्‍ट हो जाते और मृत्‍यु के बाद वे मोक्ष की प्राप्ती होती है. 

इस मशहूर रथ यात्रा के लिए हर साल 3 नए रथ तैयार किए जाते हैं जिसमें भगवान जगन्‍नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा को विराजा जाता है. 

ऐसे में सबके के मन में यह सवाल जरुर आता है कि जब हर साल नए रथ बनते हैं तो पुराने रथों का क्‍या होता है, तो आइए जानते है... 

रिपोर्ट्स के अनुसार पुराने रथों के हिस्‍सों को भक्‍तों के लिए नीलाम किया जाता है जिसमे भक्तों की ज्‍यादा कोशिश रथ के पहियों को पाने की होती है.

इसके लिए भक्तों को ऑनलाइन अप्‍लाई करना होता है जिसमें भक्त को आपना विस्तृत ब्यौरा देना पड़ता है.

इसमें मंदिर ये सुनिश्चित करता है कि पवित्र रथों के इन हिस्से का कोई गलत इस्तेमाल न हो क्‍योंकि यह एक पवित्र धरोहर होती हैं. 

आखिर में रथ की बची हुई लकड़ियों को मंदिर की रसोई में महाप्रसाद पकाने के लिए भेज दिया जाता है.