जानिए नेपाल में ऐसी कौनसी जगह है, जहां हिमालय की गोद में बसी है रहस्यमयी घाटियाँ

मस्तांग जिला दो हिस्सों में बंटा है अपर मस्तांग और लोअर मस्तांग दोनों का नजारा और संस्कृति बिल्कुल अलग हैं.

लोअर मस्तांग पोखरा से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है, यहाँ पर ट्रेकिंग का अनुभव काफी आसान और सुंदर है.

यहाँ से हिमालय की झलक, सेब के बाग, और तिब्बती संस्कृति का संगम देखने को मिलता है, वसंत और गर्मी में यहाँ के गाँव रंग-बिरंगे फूलों से सज जाते हैं.

लोअर मस्तांग में बहती है कालीगंडकी नदी, जिसकी घाटियाँ बेहद खूबसूरत हैं, कालीगंडकी घाटी को दुनिया की सबसे गहरी घाटी माना जाता है।

मार्फा गाँव लोअर मस्तांग में है, जो अपने सेब और एप्पल ब्रांडी के लिए मशहूर है, यहाँ के सफेद पत्थर के घर और संकरी गलियाँ बेहद आकर्षक लगती हैं.

यहाँ कई प्राचीन बौद्ध मठ और तिब्बती शैली की वास्तुकला देखने लायक है, इन मठों में भव्य थंका पेंटिंग्स और बुद्ध की प्रतिमाएँ देखने को मिलती हैं।

अपर मस्तांग को “लिटिल तिब्बत”भी कहा जाता है  यहाँ जाने के लिए विशेष परमिट चाहिए, यहाँ का वातावरण रहस्यमय और बिल्कुल अलग दुनिया जैसा लगता है.

अपर मस्तांग में ललचाती बर्फ़ीली चोटियाँ और लाल-पीले मरुस्थली रंगों वाली घाटियाँ हैं, यहाँ की भूमि पर अजीबोगरीब चट्टानों की संरचनाएँ एक अनोखी दुनिया का एहसास कराती हैं.

मस्तांग, नेपाल का ऐसा हिस्सा है जहाँ हर कदम पर इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य छुपा है, यह जगह हर एडवेंचर और संस्कृति प्रेमी की बकेट लिस्ट में जरूर होनी चाहिए.