चंद्र देव को प्रसन्न करने का सबसे शुभ और फलदायक दिन, जानें पूर्णिमा व्रत और पूजा विधि
पूर्णिमा का दिन चंद्र देवता को समर्पित होता है और मन की शांति व घर की सुख-समृद्धि लाने वाला माना जाता है.
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, साफ वस्त्र पहनें और मन को शुद्ध करके पूजा की तैयारी करें.
स्नान के बाद भगवान विष्णु या अपने इष्ट देव के सामने व्रत का संकल्प लें और दिनभर सात्विक रहें.
पूरा दिन उपवास रखें. यदि संभव न हो तो फलाहार करें, पर मन और आहार दोनों को शुद्ध रखें.
शाम को चंद्रमा के दर्शन के बाद दूध और शक्कर मिला जल चंद्रदेव को अर्पित करें.
अर्घ्य के समय “ॐ चंद्राय नमः” मंत्र का जाप करें और दीप जलाकर चंद्र देव की आरती करें.
खीर या सफेद मिठाई का भोग लगाएं, फिर प्रसाद सभी में बांटें — इससे परिवार में प्रेम बढ़ता है.
चंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए सफेद कपड़े पहनें, चावल दान करें और शिवलिंग का जल-दूध से अभिषेक करें.
पूर्णिमा का व्रत मन की शांति, विवाह में सफलता, आर्थिक राहत और सुंदरता तक का आशीर्वाद दे सकता है.