आपको मालूम है दाल बाटी, दाल बाफला और लिट्टी चोखा में क्या अंतर है? यहां जान लीजिए

राजस्थान की दाल-बाटी, मध्य प्रदेश का दाल-बाफला और बिहार का लिट्टी-चोखा,तीनों भले हीं दिखने में एक जैसी लगें, लेकिन इन्हें बनाने के तरीके, स्वाद,और परोसने के अंदाज में बहुत फर्क है.

जहां एक तरफ दाल-बाटी अपने कुरकुरे स्वाद और घी में लपटे जाने के लिए जानी जाती है, वहीं दाल-बाफला में उबालने और सेंकने का मिक्चर इसे खास बनाता है. 

दूसरी ओर लिट्टी-चोखा का मसालेदार सत्तू और चटपटा चोखा इसे एक अलग ही पहचान देता है.

आइए जानते हैं इन तीनों में क्या-क्या अंतर हैं और किसका स्वाद किस तरीके से आपके मन को भाता है.

दाल- बाटी ( राजस्थान की मशहूर डिश) बाटी गेहूं के आटे से बनी सख्त गोलियां होती हैं, जिन्हें आग में सेंका जाता है, ऊपर से घी डाला जाता है. इसे तुअर दाल (अरहर) या पंचमेल दाल के साथ परोसा जाता है. 

 बाटी काफी कुरकुरी होती है. इसे बनाने के लिए सीधे सेंकते हैं. ऊपर से इसमें खूब सारा घी डाला जाता है.

दाल-बाफला (मध्य प्रदेश की खासियत) बाफला भी गेहूं के आटे से बनता है लेकिन इसे पहले उबाला जाता है फिर आग में सेंका जाता है. ऊपर से घी डाला जाता है .

इसे भी दाल के साथ परोसा जा सकता है. इसे बनाने के लिए पहले उबालते हैं फिर सेंकते हैं. स्वाद में बाटी से हल्का और मुलायम होता है.

 लिट्टी-चोखा (बिहार की खास डिश) लिट्टी गेहूं के आटे से बनाई जाती है, लेकिन इसके अंदर सत्तू (भुने चने का आटा), मसाले, नींबू का रस और अचार का मिश्रण भरा जाता हैं. इसे भी आग में सेंकते हैं कभी-कभी इसे लकड़ी के कोयले पर भी पकाया जाता है.

चोखा आलू, बैंगन या टमाटर से बनाया है, जिसे मसाले, सरसों का तेल और हरी मिर्च के साथ मिलाया जाता है. लिट्टी-चोखा को भी घी में डुबोकर या ऊपर से डालकर खाया जाता है. 

लिट्टी के अंदर मसालेदार सत्तू भरा होता है, चोखा के साथ परोसा जाता है.जो इसका स्वाद बढ़ता है और इसे खास बनाता है.