Sawan Shivratri 2025: शिव भक्ति का महासंयोग, जानें पूजा विधि, भद्रा काल और शुभ मुहूर्त

सावन शिवरात्रि का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन कांवड़िए हरिद्वार से लाया गंगाजल शिवलिंग पर अर्पित करते हैं.

इस बार सावन शिवरात्रि 23 जुलाई को मनाई जाएगी. इस दिन भद्रा का साया रहेगा. भद्रा काल: सुबह 5:37 से दोपहर 3:31 तक. इस दौरान अभिषेक करने से बचें.

ब्रह्म मुहूर्त में अभिषेक सबसे शुभ माना जाता है, समय: सुबह 4:15 से 4:56 तक. इस दौरान शिव जी का जलाभिषेक करें.

प्रथम प्रहर: 7:17 PM – 9:53 PM, द्वितीय प्रहर: 9:53 PM – 12:28 AM, तृतीय प्रहर: 12:28 AM – 3:03 AM और 24 जुलाई को चतुर्थ प्रहर: 3:03 AM – 5:38 AM, पूजा के शुभ समय है.

पूजा करने के लिए, सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें, मंदिर को गंगाजल से शुद्ध करें और शिव-पार्वती की मूर्ति स्थापित करें.

शिवलिंग पर गंगाजल और शुद्ध जल चढ़ाएं. खीर, फल, हलवा आदि का भोग लगाएं. पार्वती जी को 16 श्रृंगार अर्पित करें.

अब भगवान शिव और माता पार्वती के मंत्रों का जप करें. शिव को प्रसन्न करने के लिए मंत्र जाप अनिवार्य है.

 इन शिव मंत्र का जाप करें- ॐ नमः शिवाय, नमो भगवते रूद्राय,  तत्पुरुषाय विद्महे... और त्र्यम्बकं यजामहे…

अंत में दीप जलाकर आरती करें, फिर सभी में पूजा का प्रसाद वितरित करें. भोलेनाथ की कृपा आप पर सदा बनी रहेगी.