क्या है शिवा मुट्ठी? जानें सावन में इसका महत्व और विधि,
शिव जी की कृपा पाने का खास उपाय
सावन में रुद्राभिषेक, जलाभिषेक के साथ शिवा मुट्ठी का भी विशेष महत्व होता है. सावन सोमवार को इसे चढ़ाने से विशेष पुण्य मिलता है.
अगर आपने कभी शिवा मुट्ठी नहीं चढ़ाई, तो जानिए क्या है इसकी विधि और मान्यता. यह उपाय शिव पुराण में भी वर्णित है.
शिवा मुट्ठी यानी शिवलिंग पर मुट्ठी भर अनाज अर्पित करना. मान्यता है कि इससे शिवजी जल्दी प्रसन्न होते हैं.
शिवा मुट्ठी में पाँच अनाज होते हैं, अक्षत, सफेद तिल, गेहूं या जौ, खड़ी मूंग और सतुआ. इनमें से हर सोमवार अलग-अलग अर्पित किए जाते हैं.
पहले सोमवार – अक्षत (चावल)
दूसरे सोमवार – सफेद तिल
तीसरे सोमवार – खड़ी मूंग
चौथे सोमवार – गेहूं या जौ
अगर सावन में पांच सोमवार पड़ें तो पाँचवें सोमवार को सतुआ अर्पित करें. यह भी शिव को प्रिय अन्न माना जाता है.
शिवा मुट्ठी शाम के समय चढ़ाना शुभ होता है. पूजा में शुद्ध जल, बेलपत्र और दीपक जरूर रखें. पूरी श्रद्धा और मन से अर्पण करें.
अगर किसी सोमवार शिवा मुट्ठी चढ़ाना भूल गए हों, तो अगले सोमवार को पिछला अन्न चढ़ा सकते हैं. शिव सच्चे भाव के भूखे होते हैं.
इस साल सावन में चार सोमवार हैं. अब भी आपके पास दो अवसर हैं शिवा मुट्ठी चढ़ाने के. शिवजी की कृपा पाने के लिए यह सरल और फलदायी उपाय जरूर करें.