सांपों का स्वर्ग शेतपाल: हर घर में कोबरा से खेलते हैं बच्चे, बड़े करते हैं पूजा; जानें गांव रहस्य
महाराष्ट्र के इस अनोखे गांव में लोग सांपों को सम्मानपूर्वक परिवार का हिस्सा मानते हैं. बच्चे भी निडर होकर सांपों के साथ खेलते हैं.
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के शेतपाल गांव में लोग COBRA जैसे जहरीले सांपों के साथ रहते हैं. बिल्कुल सहज और निडर होकर
यह परंपरा सैकड़ों साल पुरानी है. माना जाता है कि सांप 'शेषनाग' के रूप में भगवान विष्णु के सहचरी हैं. इस कारण सांपों की पूजा करना शेतपाल में पुण्य का काम माना जाता है.
यहां हर घर की दीवार में, एक सांप का कोना होता है. यहां सांप आराम करते हैं और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते.
इस गांव में कोई सांप काटने की घटना नहीं हुई है. यहां के बच्चे सांपों के साथ खेलते हैं, और महिलाएं उन्हें दूध चढ़ाती हैं.
श्रावण के महीने में यहां विशेष पूजा होती है. गांव भर के लोग नाग देवता उत्सव पर एकत्र हो कर नागदेवता की अराधना करते हैं. उन्हें दूध, मिठाई और फूल भी चढ़ाते हैं.
यहां पर बचपन से ही वन्यजीवों की शिक्षा दी जाती है कि सांपों से कोई डर की बात नहीं. सांपों को समझना ज़रूरी है और उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखना चाहिए.
वन विभाग भी यहां सांपों की सुरक्षा और लोगों की समझ, शिक्षा के लिए अच्छा सहयोग देता है.
शेतपाल गांव वसुधैव कुटुम्बकम का जीता-जागता उदाहरण है. जहां मानव, पशु और प्रकृति को एक समान रूप से रहते हैं.
हमारी संस्कृति का आधार हमेशा से ही इसी संतुलन पर टिका है. हमारे पूर्वज यह समझते थे और आज भी असली विकास की परिभाषा यही है.