श्रावण शुक्ल पक्ष का पहला शुक्रवार, संतोषी माता और देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए करें ये 3 उपाय

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की शुरुआत इस शुक्रवार से हो रही है. इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों ही कर्क राशि में रहेंगे, जिससे यह दिन खास बन जाता है. 

दृक पंचांग के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:55 तक रहेगा. वहीं राहुकाल का समय सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:28 तक माना गया है. 

शुक्रवार व्रत संतोषी माता और देवी लक्ष्मी को समर्पित होता है. इस व्रत को रखने से जीवन में सुख-समृद्धि, धन-धान्य की वृद्धि और वैवाहिक जीवन में शांति आती है. 

शुक्रवार का व्रत ज्योतिष के अनुसार शुभ होता है. यह व्रत शुक्र ग्रह को बल देता है और उससे जुड़ी बाधाओं को दूर करता है. खासकर जिनकी कुंडली में शुक्र दोष हो, उनके लिए यह व्रत उपयोगी है.

इस व्रत की शुरुआत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के पहले शुक्रवार से की जा सकती है. आमतौर पर इसे 16 शुक्रवार तक रखा जाता है और फिर उद्यापन किया जाता है. 

ब्राह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, घर के मंदिर को साफ करें. एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर देवी की मूर्ति और कलश की स्थापना करें. अगर लक्ष्मी पूजन कर रहे हैं तो श्री यंत्र भी स्थापित करें. 

माता को सिंदूर, फूल, अक्षत, और माला अर्पित करें. घी का दीपक जलाएं और फल-मेवा का भोग लगाएं. व्रत कथा, चालीसा और मंत्रों का पाठ करें. पूजा के अंत में घर में जल छिड़काव जरूर करें.

संतोषी माता के व्रत में खट्टी चीजों और लक्ष्मी माता के व्रत में नमक का त्याग करना चाहिए. दिन में एक बार मीठे के साथ किसी एक अनाज (जैसे खीर-पूरी) का सेवन करें. 

पूजा के बाद मां तुलसी को जल अर्पित करें. साथ ही किसी गरीब, ब्राह्मण या ज़रूरतमंद को भोजन कराना और दक्षिणा देना बेहद शुभ माना जाता है.