तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में रहने वाले 17 साल के शक्तिस्वरन की मौत फल और जूस वाली डाइट से हो गई है.

शक्तिस्वरन ने यूट्यूब पर देखकर इस डाइट को अपनाया था, जिसका उद्देश्य वजन कम करना था.

पिछले तीन महीनों से शक्तिस्वरन केवल फल और जूस पर आधारित डाइट ले रहा था और सॉलिड मील्स नहीं ले रहा था.

उसने डाइट को फॉलो करने से पहले किसी भी डायटीशियन या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह नहीं ली थी.

पोस्ट मार्टम में अभी यह साबित नहीं हुआ है कि लड़के की मौत फल-जूस वाली डाइट के कारण ही हुई है.

फलों और जूस में फ्रक्टोज होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है और हार्ट डिसीज के खतरे को बढ़ाता है.

फलों और सब्जियों में केमिकल की मात्रा अधिक होने से टॉक्सिसिटी बढ़ सकती है. इससे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट की कमी हो सकती है.

फल और जूस वाली डाइट से न्यूट्रिशन की कमी हो सकती है, जो शरीर के लिए आवश्यक है.

फलों का सेवन करना शरीर के लिए अच्छा होता है, लेकिन नाश्ते और लंच के बीच या वर्कआउट से पहले करना चाहिए.

रोजाना 1-2 फल खाना सही है, जिसमें विटामिन सी की मात्रा अधिक होनी चाहिए, जैसे कि बैरीज और संतरा.