Nag Panchmi 2025 : इस दिन क्यों नहीं बनाना चाहिए रोटी-पराठा, जाने क्या है इसके पीछे की मान्यताएं

सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाया जाता है, इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा की जाती है.

इस दिन कुछ कामों की मनाही होती है क्योंकि इससे राहु का नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकता है. राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है.

नहीं चढ़ाना चाहिए तवा 

इस तिथि पर घरों में विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं, लेकिन कच्चा खाना जैसे रोटी या पराठा नहीं बनाया जाता है. इसकी वजह है कि इस दिन लोहे का प्रयोग नहीं किया जाता है, खासतौर पर तवे का.

दरअसल, यह दिन नागों को समर्पित होता है. लिहाजा, इस दिन राहु-केतु जैसे छाया ग्रह और सर्प दोष से संबंधित योग शक्तिशाली हो जाते हैं. ज्योतिष में राहु-केतु को सर्प का प्रतीक माना जाता है.

तवे को राहु का प्रतीक माना जाता है, इस दिन तवे का प्रयोग करने से राहु के नकरात्मक प्रभाव बढ़ सकते हैं. जिसके चलते जीवन में अचानक से बाधाएं और परेशानियां पैदा हो सकती हैं.

राहु-केतु से होती हैं ये परेशानी

राहु और केतु की कुंडली में अशुभ स्थिति होने पर कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं. इनमें मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान, पारिवारिक कलह, स्वास्थ्य समस्याएं, और जीवन में रुकावटें शामिल हैं. 

राहु से बनने वाले दोष के कारण व्यक्ति को धोखा मिल सकता है या वह मानसिक रूप से भ्रमित रह सकता है. 

इसके साथ ही व्यक्ति बुरी संगत या गलत कामों को करने के लिए उद्धत हो जाता है. मानसिक तनाव, चिंता, और बेचैनी का कारण बन सकता है. वहीं, केतु व्यक्ति को निराशावादी, उदास, और नकारात्मक बना सकता है