भूकंप और ज्वालामुखियों का घर है ये इलाका! जानिए क्यों है खतरनाक
दुनिया भर में भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट का सबसे बड़ा क्षेत्र, जिसे 'Ring of Fire' यानी 'आग का घेरा' कहा जाता है, एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है
यह क्षेत्र करीब 40,000 किलोमीटर लंबा और लगभग 500 किलोमीटर चौड़ा है, जो प्रशांत महासागर के चारों ओर एक विशाल घेरा बनाता है
इसमें 750 से 915 सक्रिय ज्वालामुखी हैं, जो दुनिया के कुल ज्वालामुखियों का करीब दो-तिहाई हिस्सा हैं
पृथ्वी पर आने वाले करीब 90% भूकंप इसी क्षेत्र में दर्ज किए जाते हैं. जिनमें कई सबसे शक्तिशाली भूकंप भी शामिल हैं
क्या है ‘Ring of Fire’?‘Ring of Fire’ एक भूगर्भीय क्षेत्र है जहाँ पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं और एक-दूसरे के नीचे धँसती हैं
इस प्रक्रिया को 'सबडक्शन' कहा जाता है, जिससे ज्वालामुखी और भूकंप उत्पन्न होते हैं
इस घेरे की जानकारी सबसे पहले 1825 में प्रसिद्ध ज्वालामुखी वैज्ञानिक जी. पी. स्क्रोप ने अपनी किताब Considerations on Volcanos में दी थी
वैज्ञानिकों के बीच इस बात पर सहमति है कि अमेरिका का पश्चिमी तट, जापान, फिलीपींस, न्यूज़ीलैंड, चिली, और पेरू जैसे क्षेत्र इस घेरे का हिस्सा हैं
यह क्षेत्र इंडोनेशिया के Alpide Belt के संगम पर है. कुछ वैज्ञानिक पूरे इंडोनेशिया को ‘Ring of Fire’ में शामिल करते हैं, जबकि कुछ केवल इसके पूर्वी हिस्से को ही मानते हैं
अंटार्कटिका के अधिकांश भाग को बाहर रखा गया हैं, क्योंकि वहां की ज्वालामुखीय गतिविधि सबडक्शन से संबंधित नहीं है
विशेषज्ञों के अनुसार, यह क्षेत्र लगातार भूगर्भीय गतिविधियों से प्रभावित रहता है. इसलिए यहाँ रहने वाले देशों को आपदा प्रबंधन को हमेशा तैयार रखना पड़ता है