दुनिया में कुछ शहरों में 'मरना' भी आसान नहीं! क्या आप वहां रहना चाहेंगे?
दुनिया में कई अजीबोगरीब कानून बनाए गए हैं, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि किसी शहर में ‘मरना’ गैरकानूनी हो?
जी हां, स्पेन और नॉर्वे में दो ऐसे शहर हैं जहां स्थानीय नागरिकों का मरना "मना" है. यह सुनने में जितना अजीब लगता है, उतनी ही दिलचस्प है इसके पीछे की वजह
स्पेन के ग्रेनेडा स्टेट में स्थित लांजारॉन (Lanjarón) गांव में करीब 4,000 लोग रहते हैं. यहां एक अनोखा कानून 1999 में बनाया गया था, जब उस समय के मेयर जोस रूबियो ने गांव में मरने पर "प्रतिबंध" लगा दिया
दरअसल, इस विचित्र आदेश के पीछे का कारण था- कब्रिस्तान में जगह की भारी कमी। स्थानीय कब्रिस्तान पूरी तरह भर चुका था और नए शवों के दफनाने के लिए कोई स्थान नहीं था
स्पेन के बाद ऐसा ही नियम नॉर्वे के लॉन्गेयरबेन शहर में भी है, जहां 1950 से मृत्यु पर अप्रत्यक्ष रोक है. इस इलाके में तापमान इतना कम रहता है कि मृत शरीर सड़ते ही नहीं हैं, जिससे वायरस या बीमारियों के फिर से फैलने का खतरा बना रहता है
20वीं सदी में वैज्ञानिकों ने जब पुराने शवों की जांच की, तो उन्हें 1917 के इन्फ्लुएंजा वायरस के जीवित सैंपल मिले. इससे डर पैदा हो गया कि कोई पुराना वायरस फिर से सक्रिय न हो जाए. इसी वजह से लॉन्गेयरबेन में दफनाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया
अब यहां अगर कोई गंभीर रूप से बीमार होता है, तो उसे इलाज के लिए मुख्य भूमि भेज दिया जाता है और वहीं उसकी अंतिम क्रिया होती है
ये कानून भले ही प्रतीकात्मक या परिस्थितियों के कारण बनाए गए हों, लेकिन ये यह जरूर दिखाते हैं कि जनसंख्या, पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं किस हद तक प्रशासन को असाधारण कदम उठाने पर मजबूर कर सकती हैं
हालांकि, ये कानून कानूनी तौर पर लोगों को मरने से नहीं रोक सकते, लेकिन इनसे जुड़ी कहानियां हमेशा चर्चा में बनी रहती हैं