खेतों में पहुंचा AI बढ़ाएगा उपज, लागत हो जाएगी आधी
ISMA ने महाराष्ट्र के बारामती स्थित एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ट्रस्ट (ADT) के साथ साझेदारी में राष्ट्रीय AI-ML नेटवर्क कार्यक्रम लॉन्च किया है.
इस पहल का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के माध्यम से गन्ना खेती में उत्पादकता, गुणवत्ता, स्थायित्व और किसानों की आय में वृद्धि करना है.
ISMA ने ADT और पुणे की एग्रीटेक कंपनी 'मैप माई क्रॉप' के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए हैं.
इस पहल से गन्ना उपज में 40% तक की वृद्धि, लेबर लागत में 35% की कमी, पानी की खपत में 30% तक की बचत और कटाई की दक्षता में 35% सुधार.
ISMA का लक्ष्य गन्ने की औसत उत्पादकता को 100 टन प्रति हेक्टेयर और चीनी रिकवरी को 11% या उससे अधिक तक ले जाना है.
ISMA की ICAR की गन्ना अनुसंधान संस्थाओं के साथ पहले से चली आ रही साझेदारी को भी इस पहल के लिए आधार बनाया गया है.
ISMA के महानिदेशक ने कहा कि यह टेक्नोलॉजी आधारित नेटवर्क किसानों को बेहतर फैसले लेने, कम संसाधनों में अधिक उत्पादन और बेहतर मुनाफे में मदद करेगा.
परियोजना को व्यापक रूप से अपनाने के लिए फील्ड डेमोंस्ट्रेशन और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे.
इस पहल से किसानों को AI आधारित समाधान जैसे मशीन लर्निंग और कंप्यूटर विजन टूल्स से सशक्त किया जाएगा.
इतना ही नहीं इस पहल से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय गिरावट आएगी. किसानों को भी लाभ होगा.