माता-पिता पेरेंटिंग में न करें ये भूल, जानें एक्सपर्ट की एडवाइस

आज के इस आधुनिक जनरेशन में बच्चों की पेरेंटिग उनके जीवन में अहम भूमिका निभाती है.

पेरेंटिग कोच ने बड़ी भूलों के बारे में बताया है. आइए एक-एक करके जानते और समझते है.

बच्चे अपने पास के वातावरण को देखकर बड़े होते हैं ऐसे में वे वही करते हैं जो देखते हैं.

बच्चों को सिर्फ आप की मौजूदगी नहीं चाहिए होती उन्हें आपकी उपस्थित चाहिए होती है.

साथ में बैठना और मोबाइल में खोये रहने को क्वालिटी टाईम नहीं कहा जाता है.

अगर आप दिनभर मोबाइल पर ही रहते हैं तो आप उन्हें उससे दूर रहने के लिए नहीं कह सकते हैं.

हम चाहते है की वो शांत रहे लेकिन हम खुद हर वक्त चिल्लाते है, इससे बच्चो में चिड़चिड़ाहट पैदा हो जाती है.

हम हमेशा चाहते हैं की वो हमारी बातें मानें लेकिन हम कभी भी उन्हें समझने की कोशिश नहीं करते है.

सिर्फ प्यार काफी नहीं होता है इसके साथ धैर्य, समझ, संवाद, और अनुशासन भी उतना ही जरुरी होता है.

ये सिर्फ बच्चे नहीं है. यह आपके साथ देश और समाज का भविष्य है. इस कारण पैरेंटिंग बहुत नाजुक होती है.

उनके आस-पास का वातावरण, रहन-सहन, हर छोटी बात, हर प्रक्रिया उनके आने वाले जीवन को आकार देती है.