पहले किस नाम से जाना जाता था दिल्ली में मौजूद लाल किला? नहीं जानते होंगे नाम

देश आज अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया है. 

यह परंपरा 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से भारत की आजादी मिलने के बाद से ही चली आ रही है. 

लेकिन क्या आप जानते हैं कि लाल किले को इससे पहले किस नाम से जाना जाता था. चलिए हम आपको बताते हैं इसके पुराने नाम के बारे में. 

बता दें कि लाल किले का असली नाम किला-ए-मुबारक था.जिसका मतलब है भाग्यशाली किला. मुगल काल में इसे इसी नाम से जाना जाता था. 

अंग्रेजों ने इसकी विशाल लाल बलुआ पत्थर की दीवारों के कारण इसे लाल किला नाम दिया, जबकि स्थानीय लोगों ने इसी कारण से इसका अनुवाद लाल किला कर दिया.

शाहजहां ने इसे अपनी नई राजधानी शाहजहानाबाद में स्थापित किया था. किला-ए-मुबारक के अंदर कई महत्वपूर्ण इमारते हैं. 

क्योंकि दिल्ली में लाल बलुआ पत्थर की पर्याप्त आपूर्ति नहीं थी, इसलिए लाल किला मूल रूप से चूना पत्थर से बना था.

समय के साथ मूल्यह्रास के कारण, बाद में अंग्रेजों ने इस संरचना को लाल रंग से रंग दिया.

लाल किले का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने 1639 से 1648 के बीच कराया था, जब उन्होंने राजधानी को आगरा से दिल्ली कर दिया था.