Janmashtami 2025: श्रीकृष्ण और तुलसी पत्र की अद्भुत कथा, जब भगवान ने तोड़ा था अपनी प्रिय पत्नी का घमंड
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को जन्माष्टमी मनाई जाती है. यह दिन श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव और बाल स्वरूप की विशेष पूजा के लिए प्रसिद्ध है.
16 अगस्त, शनिवार को भक्तजन उपवास रखेंगे और रात्रि में श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाएंगे. भक्ति भाव से पूजा करने पर सभी मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है.
तो चलिए आज आपको भगवान कृष्ण से जुड़ी एक कहानी सुनाते हैं. जब उन्होंने बड़ी चतुराई से अपनी पत्नी का घमंड तोड़ा था.
श्रीकृष्ण की पत्नी सत्यभामा बेहद सुंदर और धनवान थीं. उन्हें अपने सौंदर्य और धन पर गर्व था.
श्रीकृष्ण के जन्मदिवस पर सत्यभामा ने तय किया कि वे उनका वजन सोने से तोलकर गरीबों में दान करेंगी.
श्रीकृष्ण पलड़े पर बैठे, लेकिन सत्यभामा का सारा सोना रखने के बाद भी उनका पलड़ा भारी रहा.
अपने सारे गहने देने के बाद भी संतुलन नहीं बना. सत्यभामा शर्मिंदा होकर रो पड़ीं.
सत्यभामा ने रुक्मिणी से उपाय पूछा. रुक्मिणी ने तुलसी के पौधे से तीन पत्ते तोड़े.
भक्ति भाव से तुलसी पत्र पलड़े पर रखते ही श्रीकृष्ण का पलड़ा हल्का हो गया.
इस कथा से सीख मिलती है कि भगवान को भौतिक वस्तुओं से नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति और प्रेम से जीता जा सकता है.