शनिवार को हनुमान जी को लाल सिंदूर चढ़ाने का असली राज, शनि से जुड़ा खास उपाय?

कहते हैं शनिवार के दिन हनुमान जी को लाल सिंदूर चढ़ाने से शनि देव की टेढ़ी नज़र से राहत मिलती है. लेकिन ये उपाय शनि देव से कैसे जुड़ा है? इसकी कहानी बेहद दिलचस्प है.

पौराणिक कथा के मुताबिक, एक बार शनि देव और रावण के बीच ज़बरदस्त युद्ध हुआ. दोनों ही बेहद शक्तिशाली थे, लेकिन अंत में रावण ने भगवान शिव से मिले बाण से हमला किया.

शनि देव चाहें तो बच सकते थे, लेकिन शिव जी का मान रखने के लिए उन्होंने वह वार झेल लिया. इसके बाद रावण ने उन्हें बंदी बनाकर लंका ले गया और एक अंधे कुएं में उल्टा लटका दिया.

शनि देव को रावण की कैद से छुड़ाने का वादा खुद भगवान शिव ने किया था. उन्होंने कहा कि जल्द ही हनुमान जी लंका आएंगे और तुम्हें आज़ाद कराएंगे.

जब हनुमान जी लंका पहुंचे तो नारद जी ने उन्हें शनि देव की हालत बताई. हनुमान जी सीधे कुएं के पास पहुंचे और शनि देव को निकालने लगे.

लेकिन शनि देव ने चेतावनी दी, “अगर तुमने ऐसे ही मुझे छू लिया, तो मेरी शक्ति का असर तुम पर भी होगा. पहले अपने ऊपर लाल सिंदूर लगा लो.”

हनुमान जी समुद्र किनारे गए, गीले हुए और पूरे शरीर पर लाल सिंदूर लगा लिया. फिर वे लौटे और शनि देव को बाहर निकालकर रावण की कैद से मुक्त कर दिया.

शनि देव बेहद खुश हुए और बोले, “आज से जो भी शनिवार को तुम्हें सिंदूर चढ़ाएगा और उसका तिलक लगाएगा, मेरी टेढ़ी नज़र उसे कभी नहीं सताएगी.”

तभी से शनिवार को हनुमान जी को लाल सिंदूर चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है. माना जाता है कि ऐसा करने से शनि की बाधाएं दूर होती हैं और शुभ फल मिलता है.