2030 तक कितना बढ़ जाएगा गर्मी और बाढ़ का खतरा?

पिछले कुछ सालों में आपने देखा होगा कि मौसम में असमानता काफी बढ़ गई है.

कभी ज्यादा बारिश तो कभी ज्यादा ठंड होने लगती है. सबसे ज्यादा परेशानी हीटवेव से होती है.

राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे इलाकों में हीटवेव की घटनाएं काफी बढ़ी हैं.

IMD और IITM ने आने वाले समय में बढ़ने वाले खतरों को लेकर अध्यन किया है.

इसमें सामने आया है कि देश और अधिक गर्म व आर्द्र होता जाएगा, जिससे कई समस्याएं उत्पन्न होंगी.

2030 तक भारत के शहरी क्षेत्रों में लू के दिनों की संख्या दोगुनी हो जाएगी.

साल 2030 अत्यधिक वर्षा की घटनाओं में 43% तक वृद्धि होगी.

2015 से 2025 तक विभिन्न राज्यों और उप-मंडलों में लू के दिनों का वर्षवार आंकड़ा प्रस्तुत किया गया है.

इससे स्पष्ट है कि लू की घटनाएं बढ़ रही हैं और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

समय रहते शहरी नियोजन, हरित आवरण बढ़ाने और जल प्रबंधन जैसे कदम उठाने होंगे.

विशेषज्ञों का कहना है कि हमें अभी से ही तैयारी करनी होगी और प्रभावी कदम उठाने होंगे.