90 के दशक का हॉरर शो, झलक देखते ही मन में बैठ जाता था खौफ
90 के दशक में जब टीवी इंटरटेनमेंट का अंदाज बदल रहा था, उस समय एक ऐसा हॉरर शो आया जिसने दर्शकों को डर और खौफ से भर दिया. आइए जानते है इस खौफनाक शो के बारे में
ये शो हर हफ्ते एक नई कहानी के साथ आता था, जो आम जिंदगी से जुड़ी होती थी लेकिन हर कहानी में एक ऐसा मोड़ आता जो दर्शकों के दिलों को खौफ से भर देता.
इस शो की कहानियां भारत की लोक मान्याताओं, मिस्टीरियस घटनाओं और सुपरनैचुरल एक्सपीरियंसेस पर आधारित होती थी.
उस समय इस सो को ल्कर इतना ज्यादा डर था कि बिना मम्मी के बच्चों में इसे देखने की हिम्मत नहीं होती थी.
इस शो का नाम 'मानो या ना मानो' था और इसके हर एपिसोड में अलग-अलग कलाकार होते थे.
इस शो में डर और मिस्ट्री के साथ इमोशन की गहराई भी जुड़ी होती थी. इसकी कभी आत्मा की कहानी होती तो कभी सुपरनैचुरल एक्सपीरियंसेस की.
इस शो में श्रद्धा निगम, शेफाली शाह, शिवाजी साटम और मनीषा कोइराला जैसे कई कलाकार नजर आए थे.
इस शो की उस समय इतनी ज्यादा पॉपुलैरिटी थी कि लोग इसके आने का इंतजार किया करते थे.
बता दें की इस शो के कुछ एपिसोड यूट्यूब और जी 5 पर उपलब्ध है जिसे आप भी देख सकते है.