दुनिया में धर्मग्रंथों की सबसे बड़ी प्रकाशक है Geeta Press, जानिए कब और कैसे हुई इसकी स्थापना
गीता प्रेस, हिंदू धर्म ग्रंथों को छापने वाला दुनिया का सबसे बड़ा पब्लिशिंग हाउस है. यह अब तक 41.7 करोड़ किताबें छाप चुका है.
यह पब्लिशिंग हाउस भगवद गीता की 16.21, रामचरित मानस की 11.73 और पुराण व उपनिषद की 2.58 करोड़ कॉपियां छाप चुका है.
गीता प्रेस को जयदयाल गोयनका ने शुरू किया था. बंगाल में बंकुरा के रहने वाले जयदयाल कपड़ा, मिट्टी का तेल और बर्तनों का कारोबार करते थे.
जयदयाल गोयनका घूमकर सामान बेचते थे. काम खत्म होने पर वह सत्संग और गीता पाठ किया करते थे.
जयदयाल को लगा कि बाजार में गीता का सही ट्रांसलेशन मौजूद नहीं है. उन्होंने यह बात सत्संग में रखी, जिसमें गोरखपुर के बिजनेसमैन घनश्याम दास जालान मौजूद थे.
घनश्याम दास ने गोरखपुर में प्रेस लगाने की जिम्मेदारी ली. 1923 में 10 रुपए प्रति माह किराए पर कमरा लेकर प्रेस की शुरुआत हुई.
गीता प्रेस की स्थापना को अब 100 साल से अधिक समय हो चुका है, पिछले वर्ष PM मोदी उसके मुख्यालय गए थे.