Shardiya Navaratri:जानें महा सप्तमी की तारीख और पूजा विधि

सनातन धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है.यह पर्व माता दुर्गा की शक्ति, भक्ति और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है.

नवरात्रि के नौ दिन पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ मनाए जाते हैं, जिसमें भक्त माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना करते हैं.

प्रत्येक दिन देवी के अलग रूप की पूजा की जाती है और उनके जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना की जाती है.

नवरात्रि के सातवें दिन यानी सप्तमी तिथि पर नवपत्रिका पूजा का पर्व मनाया जाता है. इस वर्ष नवपत्रिका पूजा का पर्व सप्तमी तिथि 29 सितंबर को मनाया जाएगा.

नाबापत्रिका पूजा और कलाबाऊ पूजा के नाम से जानने वाला यह पर्व विशेष रूप से बंगाल, झारखंड, ओडिशा, त्रिपुरा, मणिपुर और असम जैसे राज्यों में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है.

नवपत्रिका पूजा के दिन भक्त भगवान गणेश और माता दुर्गा दोनों की पूजा करते हैं और केला, कच्ची हल्दी, अनार, अशोक, मनका, धान, बिल्व और जौ के पौधों की पत्तियों को एक साथ बांधकर उनकी पूजा की जाती है.

इन नौ पौधों को देवी मां के नौ स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है और पौधों को स्नान कराकर, सजाकर और फूल, दीप एवं अक्षत से पूजित किया जाता है जिससे घर-परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है.

नवपत्रिका पूजा में हर पत्र का खास महत्व है, केला-पवित्रता, मनका-शक्ति, हल्दी-समृद्धि, जयंती-इच्छा पूर्ति, बेल-शांति, अनार-ज्ञान और सौंदर्य, अशोक-सत्य और विजय, धान-समृद्धि, जौ-उल्लास और ऊर्जा का प्रतीक है.

बंगाल, झारखंड, ओडिशा और उत्तर-पूर्व में नवपत्रिका पूजा धूमधाम से मनाई जाती है. घर और मंदिर सजाकर भजन-कीर्तन से माता दुर्गा का स्वागत किया जाता है, जो उल्लास, एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देती है.