कपूर सिर्फ पूजा-पाठ के लिए ही नहीं, बल्कि यह औषधीय और घरेलू उपयोगों में भी बेहद लाभकारी है.

यह कपूर वृक्ष की लकड़ी से प्राप्त होने वाला एक प्राकृतिक कार्बनिक यौगिक है, जो ठोस अवस्था से सीधे गैस में बदल जाता है.

जोड़ों के दर्द या सूजन में कपूर का तेल लगाकर मालिश करने से तुरंत आराम मिलता है. यह दर्द को शांत करने में बहुत असरदार है.

सर्दी-जुकाम में कपूर को भाप में डालकर लेने से बंद नाक तुरंत खुल जाती है और सांस लेने में आसानी होती है.

खुजली, फोड़े-फुंसी या दाद जैसी त्वचा की समस्याओं पर कपूर का लेप लगाने से ठंडक मिलती है और आराम मिलता है.

नारियल तेल में कपूर मिलाकर लगाने से डैंड्रफ कम होता है और बाल झड़ना रुकता है.

अगर सिरदर्द हो रहा हो, तो कपूर और नारियल तेल से हल्की मालिश करने पर दर्द तुरंत शांत होता है.

कपूर जलाने से उसकी तेज खुशबू के कारण मच्छर और कीड़े-मकोड़े घर से दूर भाग जाते हैं.

कपूर की सुगंध मानसिक शांति देती है, तनाव कम करती है और गहरी नींद लाने में भी मददगार होती है.

कपूर का सेवन बिल्कुल न करें और इसे सीधे त्वचा पर अधिक मात्रा में न लगाएं. हमेशा सीमित मात्रा में ही उपयोग करें.