पैरों की सूजन से हैं परेशान? 10 मिनट में राहत के लिए 5 घरेलू नुस्खे अपनाएं

लंबे समय तक खड़े रहना या बैठे रहना... आजकल पैरों की सूजन एक आम समस्या बन गई है, जब शरीर में तरल पदार्थ इकट्ठा हो जाता है.

आयुर्वेद में इसे 'शोथ' कहा गया है. यह वात, पित्त और कफ के असंतुलन या कमजोर रक्त प्रवाह के कारण उत्पन्न होता है.

गुनगुने नमक वाले पानी में पैर डुबोना सबसे आसान और प्रभावी उपाय है. यह त्वचा से अतिरिक्त पानी बाहर निकालने में मदद करता है.

आयुर्वेद में इसे 'स्वेदन क्रिया' कहते हैं. यह न केवल सूजन को घटाता है, बल्कि मांसपेशियों की जकड़न और दर्द को भी दूर करता है.

आधुनिक विज्ञान के अनुसार, बर्फ की सिकाई से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं, जिससे तरल पदार्थ का रिसाव कम होकर सूजन घटती है. 10 से 15 मिनट पर्याप्त है.

सेब के सिरके में पोटेशियम और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. यह शरीर से अतिरिक्त पानी निकालने में मदद करता है.

इसे गुनगुने पानी में मिलाकर पैरों को भिगोने या प्रभावित हिस्से पर हल्का मसाज करने से दोष संतुलित होते हैं और सूजन कम होती है.

आयुर्वेद में अदरक (जिंजरॉल) को प्राकृतिक औषधि माना गया है. यह सूजन और दर्द को कम करने का काम करता है.

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एक शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट है. यह रात में सोने से पहले पीने पर शरीर की सूजन कम करता है और रक्त प्रवाह संतुलित रखता है.

अगर सूजन बार-बार या बहुत ज्यादा हो, तो यह किडनी या रक्त संचार की किसी छिपी हुई समस्या का संकेत हो सकता है. ऐसे में डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें.