Dev Diwali के घर में कहां और कितने दीपक जलाना है शुभ, जानें शुभ मुहूर्त

आज कार्तिक पूर्णिमा के पावन दिन देव दिवाली मनाई जा रही है. इस दिन भगवान शिव की पूजा कर दीपदान करने से पापों से मुक्ति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

देव दिवाली पर बन रहे हैं 5 अद्भुत संयोग कार्तिक पूर्णिमा का पुण्यदायी स्नान गुरु का उच्च राशि में होना तुला में शुक्र और सूर्य का संयोग राहु-मंगल का रूचक योग सर्वार्थ सिद्धि और सिद्धि योग का मेल

देव दिवाली शुभ मुहूर्त कार्तिक पूर्णिमा तिथि शुरू– 4 नवंबर रात 10:36 बजे तिथि समाप्त– 5 नवंबर शाम 6:48 बजे दीपदान का शुभ समय– शाम 5:15 से 7:50 बजे तक

देव दिवाली पूजा विधि सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें, पूजा स्थल को शुद्ध करें और भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करें.

इसके बाद अक्षत, चंदन, फूल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, दूध, शहद और फल अर्पित करें. ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें.

कितने दीपक जलाएं? घर में 5, 7, 11, 51 या 101 दीपक जलाना शुभ माना जाता है. सरसों या तिल के तेल के दीपक सबसे शुभ फल देते हैं.

कहां जलाएं दीपक तुलसी के पौधे के पास, घर के मुख्य द्वार पर, रसोई घर में, मंदिर या नदी किनारे, पितरों की स्मृति में भी एक दीप जलाएं.

देव दिवाली का महत्व कहा जाता है इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था, इसी कारण उन्हें त्रिपुरारी कहा जाता है. यह दिन दीपों और भक्ति से भगवान को प्रसन्न करने का होता है.

इस देव दिवाली पर अपने घर को दीपों से जगमग करें, भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करें और सुख-शांति की कामना करें.