कब है उत्पन्ना एकादशी 14 या 15 नवंबर, जानें तिथि और मुहूर्त

एकादशी तिथि हिंदु धर्म में एक पवित्र और धार्मिक महत्व है, जो मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष को कहा जाता  है.

इस दिन भगवान विष्णु की पूजा आराधना की जाती है. साथ ही मनचाहे फल प्राप्ती के लिए व्रत भी रखा जाता है.

यह दिन भक्तों के लिए आत्मशुद्धि, भक्ति और मोक्ष की ओर अग्रसर होने का अवसर होता है. आइए जानते हैं इसका शुभ मुहूर्त.

हिंदू पंचांग के अनुसार, उत्पन्ना एकादशी तिथि 15 नवंबर की शुरूआत में 12:49 पर आरंभ होगी, जो 16 नवंबर को तड़के 02:37 पर समाप्त होगी.

साथ ही पंचांग के अनुसार, उत्पन्ना एकादशी के व्रत का पारण दोपहर में 12:49 से 02:37 के बीच में किया जा सकता हैं.

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर हल्के रंग के कपड़े पहन कर भगवान विष्णु की पूजा करें. भगवान विष्णु को तुसली का भोग लगाना न भूलें.

पूजा शुरू करने से पहले भगवान विष्णु को पीला चंदन, अक्षत, पुष्प, तुलसी की माला और पीले फूल अर्पित करें.

इसके पश्चात घी का दीपक और धूप जलाकर 'ऊँ वासुदेवाय नम:' का जाप कर भगवान विष्णु की आराधना करें.