Bhaum Pradosh Vrat 2025: शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें, मंगल के दोष होंगे शांत
मार्गशीर्ष मास में अब भौम प्रदोष व्रत पड़ेगा, जिसका सीधा संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है.
जब प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है, तब उसे भौम प्रदोष कहा जाता है. ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने और मंगल दोष शांत करने के लिए खास माना जाता है.
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 2 दिसंबर 2025 को है, इसलिए भौम प्रदोष व्रत भी इसी दिन रखा जाएगा.
बता दें कि त्रयोदशी तिथि 2 दिसंबर दोपहर 3:57 बजे शुरू होगी और 3 दिसंबर दोपहर 12:25 बजे समाप्त होगी. वहीं, व्रत 2 दिसंबर को ही रहेगा.
व्रत के दिन शिवलिंग पर गुलाब जल से अभिषेक करना शुभ माना जाता है. इससे मंगल ग्रह के कड़े प्रभाव शांत होने लगते हैं.
वहीं, शिवलिंग पर चंदन लगाने से मन को शांति मिलती है और जीवन की रुकावटें धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं.
इस दिन एक मुट्ठी मसूर दाल चढ़ाने से कर्ज कम होने और आर्थिक स्थिरता आने की मान्यता है.
शिवलिंग पर शहद चढ़ाने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और बाधाएं दूर होती हैं. ये मंगल दोष के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है.
इस दिन शिवलिंग पर कम से कम 11 बेल पत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र बोलते हुए चढ़ाएं. इससे मनोकामनाएं पूरी होने लगती हैं.
साथ ही गंगाजल और गाय के दूध से अभिषेक कर लाल या गुड़ की मिठाई चढ़ाएं. इससे बरकत बढ़ती है और पाप नष्ट होते हैं.