दिमाग को कहां से मिलेगा 'मेमोरी विटामिन', जानें कोलीन के सोर्स

नींद न आना, चिड़चिड़ापन, बार-बार भूलना. ये सब दिमाग की कमजोरी के संकेत हैं.

दिमाग भी पोषण मांगता है, और उसमें सबसे जरूरी पोषक तत्व है कोलीन, जिसे अब मेमोरी विटामिन कहा जाता है.

कोलीन वह पोषक तत्व है जो दिमाग की कोशिकाएं बनाता है, याददाश्त मजबूत करता है, फोकस बढ़ाता है और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाता है.

कोलीन की कमी से दिमाग में भ्रम, मूड स्विंग, ध्यान की कमी और मेमोरी लॉस जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

हार्वर्ड की 2018 रिसर्च में पाया गया कि गर्भवती महिलाएं जो पर्याप्त कोलीन लेती हैं, उनके बच्चे 7 साल बाद भी मेमोरी टेस्ट में बेहतर परफॉर्म करते हैं.

रोज कितना चाहिए? महिलाओं के लिए: 425 mg/दिन, पुरुषों के लिए: 550 mg/दिन

सबसे अच्छे एनिमल सोर्सेस: अंडा, चिकन, मछली, लीवर

शाकाहारियों के लिए सोर्स: दूध, दही, पनीर, सोयाबीन, एडामे, ब्रोकली, शिटाके मशरूम, मूंगफली, क्विनोआ

दिमाग पर कोलीन का असर, याददाश्त तेज, फोकस मजबूत, तनाव और चिड़चिड़ापन कम, सीखने की क्षमता बढ़े, तंत्रिका तंत्र मजबूत

दुनिया की लगभग 90% आबादी रोजाना कोलीन की जरूरी मात्रा नहीं लेती. यही वजह है कि दिमाग से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं.

अगर रोजाना थोड़ी भी कोलीन-रिच फूड्स डाइट में जोड़ दी जाएं तो दिमाग पहले से ज्यादा तेज, एक्टिव और स्ट्रॉन्ग बना रहता है.