डाइटिंग नहीं, ईटिंग डिसऑर्डर भी हो सकता है! पहचानें ये 4 छुपे संकेत

ईटिंग डिसऑर्डर सिर्फ खाना कम या ज्यादा खाने की बात नहीं होती, बल्कि यह एक गंभीर मानसिक समस्या है

कई बार यह सब स्ट्रेस, एंग्जायटी या भावनात्मक दबाव की वजह से शुरू होता है. शुरू में लोग इसे डाइटिंग या फिट रहने की कोशिश समझ लेते हैं.

अगर कोई व्यक्ति बहुत धीमे खाता है, खाने से बचने की कोशिश या प्लेट में रखे खाने को इधर-उधर करता है तो ये अक्सर एनोरेक्सिया के संकेत है.

इस दौरान व्यक्ति खाने को देखकर घबराने लगता है, कैलोरी गिनता रहता है और खाने के समय माहौल बदलने या ध्यान हटाने की कोशिश भी करता है.

Bulimia या Anorexia में देखा जाता है कि खाने के बाद व्यक्ति कैलोरी "खत्म" करने की मजबूरी महसूस करता है और एक्सरसाइज करने लगता है.

इस तरह की एक्सरसाइज थकान, चोट या खराब मौसम में भी जारी रहती है. यह फिटनेस नहीं, बल्कि डर और कंट्रोल की कमी से जुड़ी आदत होती है.

कुछ लोग कम समय में बहुत सारा खाना अकेले खा लेते हैं, जब तक पेट दर्द न होने लगे. बाद में गिल्ट, शर्म और डिप्रेशन महसूस करते हैं.

बुलिमिया में लोग खाए खाने से छुटकारा पाने के लिए लैक्सेटिव का सहारा लेते हैं, जो खतरनाक होता है. इससे डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट गड़बड़ी और आंतों को गंभीर नुकसान पहुंचता है.

अगर ये संकेत दिखें तो इसे डाइटिंग न समझें. यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है. समय रहते सलाह और डॉक्टर की मदद बेहद जरूरी है.