गैस ही नहीं, हड्डियों का दर्द भगाता है त्रिफला; जानें कैसे करना है उपयोग?

सर्दियों में शरीर में वात दोष प्राकृतिक रूप से बढ़ जाता है. इससे जोड़ों में दर्द परेशान करने लगते हैं.

क्या आप जानते हैं कि त्रिफला सिर्फ पेट साफ नहीं करता, बल्कि यह वात को संतुलित करता है.

आयुर्वेद के अनुसार, वात को रोकना है तो त्रिफला का सेवन वसा के साथ करना चाहिए.

रात में एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच त्रिफला और शुद्ध देसी घी मिलाकर पिएं. यह आंतों में चिकनाहट लाता है.

अगर वात ज्यादा बढ़ा है, तो 'त्रिफला घृत' (औषधीय घी) लें. यह पुराने कब्ज और दर्द से निजात दिलाता है.

भयंकर कब्ज और गैस के लिए अरंडी के तेल की कुछ बूंदें त्रिफला चूर्ण के साथ गुनगुने पानी से लें. आंतें साफ हो जाएंगी.

सर्दियों में शाम और रात के वक्त वात बढ़ता है. इसलिए खाना खाने के 2 घंटे बाद ही त्रिफला का सेवन करें.

सही तरीके से लिया गया त्रिफला शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल फेंकता है और पेट को हल्का रखता है.

इस सर्दी, सिर्फ पानी से नहीं, बल्कि घी या तेल के साथ त्रिफला लें और दर्द व तनाव को दूर भगाएं.