खाना बनाने से पहले चावल भिगोना क्यों है जरूरी?
बहुत से लोग जल्दबाजी में चावल धोते ही तुरंत उबाल देते हैं. ऐसा करना सही नहीं है.
कच्चे चावल में फाइटिक एसिड जो हमारे शरीर में आयरन, जिंक और कैल्शियम को पचने से रोकता है.
चावल को कुछ देर पानी में भिगोने से उसका फाइटिक एसिड निकल जाता है. इससे मिनरल्स आसानी से मिल जाते हैं.
भिगोने से चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम हो जाता है. इससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता.
भिगोने से चावल के एंजाइम्स, कार्बोहाइड्रेट्स को सिंपल शुगर में बदल देते हैं. इससे पाचन आसान होता है. गैस नहीं बनती.
भीगे हुए चावल जल्दी पकते हैं और बहुत नरम व खिले-खिले बनते हैं, जिससे इनका स्वाद बढ़ता है.
सफेद चावल को 15-20 मिनट और बासमती को 20-30 मिनट तक पानी में भिगोना चाहिए.
ब्राउन राइस ज्यादा सख्त होता है, इसलिए इसे 6-8 घंटे भिगोना जरूरी है.
साबुत अनाज वाले चावल को 8-12 घंटे तक भिगोना सबसे अच्छा माना जाता है.
सफेद चावल को तय समय से ज्यादा देर तक पानी में न छोड़ें. ऐसा करने से विटामिन और मिनरल बह सकते हैं.
चावल पकाने से पहले उसे 2-3 बार धोकर भिगोना एक बेहद सेहतमंद आदत है.