शरीर की 'गर्मी' को शांत करने के 5 अचूक तरीके
गर्मियों अत्यधिक पसीना और त्वचा पर रैशेज सिर्फ बाहरी गर्मी नहीं, बल्कि बढ़े हुए 'पित्त' का संकेत हैं.
यह मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है. बाहरी वातावरण गर्म होने पर आंतरिक ताप भी असंतुलित हो जाता है.
बार-बार एसिडिटी होना, मुंह में छाले पड़ना या जीभ का लाल होना पित्त बढ़ने के सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण संकेत हैं.
हथेलियों और तलवों में जलन महसूस होती है? यह प्रमाण है कि आपके शरीर में पित्त की अधिकता हो गई है.
पित्त बढ़ने पर व्यक्ति को गर्मी सहन नहीं होती, पसीना तेजी से आता है और जल्दी गुस्सा आने लगता है.
इसे शरीर के आंतरिक तापमान को स्थिर रखना. इसके लिए तरल पदार्थों का खूब सेवन करें.
गर्मियों में नारियल पानी सेवन इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करता है और पित्त को शांत रखने में मदद करता है.
रात को सौंफ भिगो दें और सुबह इसका पानी पिएं. यह पेट की जलन और एसिड को शांत करता है.
सौंफ का यह पेट में बनने वाले अतिरिक्त एसिड को रोककर भारीपन और बेचैनी दूर करता है.
कोशिश करें सीधी धूप में ज्यादा समय न बिताएं. अत्यधिक हीट रेडिएशन सीधे तौर पर आपके पित्त दोष बढ़ाता है.
धूप से आते ही तुरंत बहुत ठंडा पानी या बर्फ वाली चीजों का सेवन न करें. इससे आप बीमार पड़ सकते हैं.
पित्त बढ़ना कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक असंतुलन है. इसे जीवनशैली सुधारकर संभाला जा सकता है.