नेपोलियन बोनापार्ट: एक महान योद्धा की कहानी

नेपोलियन बोनापार्ट का जन्म 1769 में कोर्सिका द्वीप पर हुआ था. 1785 में उन्होंने फ्रांसीसी सैन्य अकादमी से स्नातक की उपाधि प्राप्त की.

फ्रांसीसी क्रांति के दौरान उन्होंने अपनी सैन्य कौशल का प्रदर्शन किया और जल्दी ही सेना में तरक्की की.

1799 में नेपोलियन ने एक तख्तापलट के माध्यम से फ्रांस में राजनीतिक सत्ता पर कब्जा कर लिया और 1804 में खुद को सम्राट घोषित किया.

1803 से 1815 के बीच उन्होंने कई यूरोपीय राष्ट्रों के खिलाफ युद्ध लड़े और अपने साम्राज्य का विस्तार किया.

1803 में, भविष्य के युद्धों के लिए धन जुटाने के लिए, नेपोलियन ने फ्रांस के लुइजियाना क्षेत्र को संयुक्त राज्य अमेरिका को बेच दिया.

1812 में रूस पर उनका आक्रमण एक बड़ी विफलता साबित हुआ, जहां उनकी सेना को भारी नुकसान हुआ.

1814 में, नेपोलियन को सिंहासन छोड़ने के लिए मजबूर किया गया और उन्हें एल्बा द्वीप पर निर्वासित कर दिया गया.

1815 में, वह एल्बा से भाग निकले और "सौ दिवसीय अभियान" में संक्षिप्त रूप से सत्ता में लौटे. वाटरलू के युद्ध में करारी हार के बाद, उन्हें फिर से पद छोड़ना पड़ा और सेंट हेलेना द्वीप पर निर्वासित कर दिया गया. 

नेपोलियन का निधन 1821 में 51 वर्ष की आयु में सेंट हेलेना में हुआ, पेट के कैंसर से. उनके अवशेष बाद में फ्रांस लाए गए और पेरिस में दफनाए गए.