सावधान! जानें गर्मियों में
कटा तरबूज
खाना कितना सेफ?
भारत में लोग अक्सर बाजार से पहले से कटा तरबूज खरीद लेते हैं या घर पर काटकर रख देते हैं, जो कि खतरनाक हो सकता है.
साबुत तरबूज का छिलका मोटा होता है, लेकिन कटते ही इसका रसदार हिस्सा हवा, चाकू और हाथों के जरिए बैक्टीरिया की चपेट में आ जाता है.
तरबूज में बहुत ज्यादा पानी और नेचुरल शुगर होती है. यह माहौल बैक्टीरिया को पनपने के लिए सबसे परफेक्ट जगह देता है.
गर्मियों में अगर कटे तरबूज को कुछ घंटे बाहर छोड़ दिया जाए, तो इसमें साल्मोनेला और लिस्टेरिया जैसे खतरनाक बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगते हैं.
ऐसा दूषित तरबूज खाने से आपको पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बुखार और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.
डाइटिशियन के मुताबिक, कटे हुए तरबूज को हमेशा किसी एयरटाइट डिब्बे में बंद करके या अच्छी तरह ढककर ही फ्रिज में रखना चाहिए.
कटे हुए तरबूज को हमेशा 4°C या उससे कम तापमान पर स्टोर करें और इसे ज्यादा से ज्यादा 1 या 2 दिन के भीतर खा लें.
कई लोग तरबूज को बिना धोए काट देते हैं. छिलके पर मौजूद बैक्टीरिया चाकू के रास्ते सीधे फल के अंदर पहुंच जाते हैं, इसलिए पहले अच्छे से धोएं.
गर्मी में फूड पॉइजनिंग का खतरा बच्चों, बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए बहुत ज्यादा बढ़ जाता है.
फल काटने के लिए हमेशा साफ चाकू और बोर्ड का इस्तेमाल करें. सेहतमंद रहने के लिए हमेशा ताजा कटे फल खाने को ही पहली पसंद बनाएं.