पूर्वोत्तर में क्यों मुरझा रहे हैं फूल? जानें फ्लोरीकल्चर का पूरा सच

भारत में फूलों की खेती रिकॉर्ड रफ्तार पकड़ चुकी है लेकिन पूर्वोत्तर के कई राज्यों में इसका दायरा लगातार घट रहा है.

कभी देश में एंथूरियम फूल का गढ़ रहा अरुणाचल अब पीछे छूट गया है. किसानों ने दूसरी फसलों का रुख कर लिया.

सिक्किम में प्रसिद्ध 'ऑर्किड' की खेती का क्षेत्र पिछले एक दशक से स्थिर है.

मिजोरम में फूलों का रकबा 240 हेक्टेयर से घटकर मात्र 50 हेक्टेयर रह गया.

इसका कारण बाजार व्यवस्था और सही प्रोसेसिंग यूनिट्स का न होना सबसे बड़ी कमजोरी है.

नॉर्थ-ईस्ट के पहाड़ी इलाकों में बेहतर परिवहन और कोल्ड स्टोरेज न होने से किसानों को नुकसान होता है.

राष्ट्रीय स्तर पर फूल उत्पादन में तमिलनाडु (19%), मध्य प्रदेश (14%), कर्नाटक (12%) और आंध्र प्रदेश (11%) पर है.

देश के कुल बागवानी उत्पादन में फ्लोरीकल्चर की हिस्सेदारी 1.2% हो गई है. मतलब इस धंधे में पैसा बहुत है लेकिन रिस्क भी है.

यदि पूर्वोत्तर राज्यों में कोल्ड चैन, बेहतर सड़कें और सरकारी मदद मिले तो यह 'फ्लॉवर हब' बन सकता है.