घर में जरूर लगाएं ये 5 औषधीय पौधे: गमले में उगाने और देखभाल का सबसे आसान तरीका

सही ड्रेनेज वाले गमले में 50% मिट्टी, 30% कंपोस्ट और 20% रेत मिलाकर तुलसी लगाएं, 4-5 घंटे की धूप दें और घना बनाने के लिए मंजरी काटते रहें.

8-10 इंच के गमले में बलुई-दोमट मिट्टी का उपयोग करके अजवाइन को तने की कटिंग से उगाएं और मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर ही पानी दें.

12 इंच से बड़े गमले में गोबर खाद व नीम खली मिलाकर करी पत्ता लगाएं और हर महीने खट्टी छाछ डालकर इसे तेजी से हरा-भरा बनाएं.

पेंसिल जितनी मोटी कटिंग को किसी सहारे (डंडी या ग्रिल) के साथ गमले में रोपें और नियमित छंटाई व संतुलित नमी देकर बेल को बढ़ाएं.

लेमनग्रास की गहरी जड़ों के लिए चौड़ा गमला चुनें, इसे भरपूर धूप और नियमित पानी दें तथा सूखी पत्तियों को समय-समय पर हटाते रहें.

गमले के पेंदे में जल निकासी के लिए छेद जरूर रखें ताकि पानी जमा न हो और पौधों की जड़ें सड़ने से बची रहें.

औषधीय पौधों में कभी भी रासायनिक खाद न डालें, पोषण के लिए केवल गोबर की खाद, कंपोस्ट या नीम खली का ही प्रयोग करें.

पौधों को बीमारियों और कीड़ों से सुरक्षित रखने के लिए महीने में एक बार नीम के तेल को पानी में मिलाकर स्प्रे करें.

घर पर इन 5 औषधीय पौधों को उगाने के लिए सही गमला, पर्याप्त धूप, ऑर्गेनिक खाद और नीम के तेल का स्प्रे ही सबसे मुख्य जरूरतें हैं.