नींबू के पौधे में लाएं रिकॉर्ड तोड़ फल: माली का सीक्रेट फॉर्मूला

अगर आपके नींबू के पौधे में फूल नहीं आ रहे या गिर जाते हैं, तो माली का यह सीक्रेट फॉर्मूला आपके पौधे को रसीले नींबुओं से भर देगा.

फ्लावरिंग सीजन में पौधे को सबसे ज्यादा फास्फोरस की जरूरत होती है. यह जड़ों को मजबूत बनाकर फूलों और फलों की संख्या कई गुना बढ़ाता है.

फास्फोरस का सबसे बेहतरीन स्रोत बोनमील है. इसे मिट्टी में मिलाने से पौधे को लंबे समय तक पोषण मिलता है और नींबू गुच्छों में आते हैं.

यदि बोनमील का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो सुखाए गए केले के छिलकों का पाउडर या इनका लिक्विड फर्टिलाइजर इस्तेमाल करें.

यह एक प्राकृतिक खनिज उर्वरक है जो मिट्टी को बिना नुकसान पहुँचाए उर्वरता बढ़ाता है और फल बनने की प्रक्रिया को तेज करता है.

सही न्यूट्रिशन मिलने से पौधे की हर शाखा पर एक-एक करके नहीं, बल्कि गुच्छों में बड़े और रसीले नींबू उगने लगेंगे.

नींबू के गमले या पौधे को हमेशा ऐसी जगह रखें जहाँ दिन में कम से कम 5 से 6 घंटे की अच्छी और सीधी धूप मिलती हो.

फ्लावरिंग के समय गमले में बहुत ज्यादा पानी न डालें. मिट्टी में सिर्फ नमी बनाए रखें, वरना फूल झड़ने लगेंगे.

इन आसान और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर टिप्स को अपनाकर आप अपने घर के गमले में ही रिकॉर्ड तोड़ नींबू उगा सकते हैं.