काले पड़ रहे हैं गुलाबी होंठ? जानें लिप पिगमेंटेशन की असली वजह और बचाव के उपाय

गुलाबी या प्राकृतिक रंग के होंठों का अचानक गहरा, काला या भूरा पड़ना लिप पिगमेंटेशन कहलाता है. मेलेनिन की मात्रा बढ़ने और कई बाहरी-अंदरूनी कारणों से ऐसा होता है.

चेहरे की तरह होंठों की त्वचा भी सूरज की तेज यूवी किरणों से प्रभावित होती है. बिना सन प्रोटेक्शन धूप में रहने से होंठों में मेलेनिन बढ़ता है और वे काले होने लगते हैं.

स्मोकिंग और तंबाकू का सीधा असर होंठों के डेलिकेट टिशू पर पड़ता है. इससे होंठों में असामान्य पैच आने लगते हैं और इनका रंग तेजी से डार्क हो जाता है.

डिहाइड्रेशन के कारण होंठ सूखते हैं और लोग बार-बार जीभ से चाटते हैं. यह आदत होंठों का नेचुरल मॉइस्चर खत्म कर उन्हें और ज्यादा रूखा, कटा-फटा और काला बना देती है.

लिपस्टिक, लिप बाम, फ्लेवर्ड टूथपेस्ट में मौजूद केमिकल्स से एलर्जी होने पर होंठों में सूजन व जलन होती है, जिससे पोस्ट-इंफ्लेमेटरी हाइपरपिगमेंटेशन हो जाता है.

गर्भावस्था, किशोरावस्था या हॉर्मोनल उतार-चढ़ाव से भी होंठों का रंग बदलता है. इसके अलावा गर्मियों में धूप और सर्दियों में नमी की कमी से भी होंठ काले पड़ते हैं.

होंठों को काला होने से बचाने के लिए सेरामाइड, शिया बटर या पेट्रोलियम जेली वाला अनफ्रेग्रेंसड लिप बाम लगाएं. साथ ही भरपूर पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखें.

सूरज की हानिकारक किरणों से बचाव के लिए दिन में कम से कम दो बार SPF 30 या उससे ज्यादा वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम लिप बाम इस्तेमाल करें.

होंठों पर नींबू, बेकिंग सोडा, टूथपेस्ट, स्क्रब या फेशियल ब्लीच न लगाएं. अगर होंठों में अचानक घाव, जलन या गहरे पैच बढ़ें, तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें.