सुबह का नाश्ता छोड़ना सही या गलत? जानें ब्लड शुगर और वजन पर इसका असर

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में समय की कमी या वजन घटाने के चक्कर में कई लोग सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार, नाश्ता न करने से हर व्यक्ति तुरंत बीमार नहीं होता; इसका असर मेटाबॉलिज्म, नींद और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है.

कुछ रिसर्च में नाश्ता छोड़ने का कनेक्शन टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे से मिला है, लेकिन यह हर व्यक्ति पर लागू नहीं होता.

सुबह लंबे समय तक भूखे रहने से कुछ लोगों को कमजोरी और थकावट महसूस हो सकती है, जिससे काम पर ध्यान केंद्रित करना कठिन हो सकता है.

नाश्ता स्किप करने के बाद कुछ लोगों को दोपहर में बहुत तेज भूख लगती है, जिससे वे लंच में ओवरईटिंग (ज्यादा खाना) कर बैठते हैं.

अध्ययनों के अनुसार, नाश्ता करने वाले लोग सुबह के समय अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं और उनका ग्लाइसेमिक स्तर अधिक स्थिर रहता है.

शरीर की जैविक घड़ी दिन के समय मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है; नाश्ता छोड़ने से शरीर के क्लॉक जीन्स पर असर पड़ता है.

रिसर्च दर्शाती है कि ब्रेकफास्ट स्किप करने से अगले मील (जैसे लंच) के बाद ब्लड शुगर ज्यादा बढ़ सकता है.

यदि नाश्ता छोड़ने पर आपको सुस्ती, ज्यादा भूख या ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव महसूस हो, तो डॉक्टर या डायटिशियन की सलाह से मील टाइमिंग तय करें.