गले की खराश से लेकर पाचन तक, जानें कमाल की जड़ी-बूटी मुलेठी के फायदे

मुलेठी एक प्राचीन और गुणकारी जड़ी-बूटी है, जिसका उपयोग सदियों से गले की खराश, खांसी और पाचन संबंधी परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता रहा है.

मुलेठी की जड़ में 'ग्लाइसीर्रिजिन' और फ्लेवोनोइड्स जैसे शक्तिशाली सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं.

मुलेठी की कच्ची लकड़ी चबाने पर जो तेज मिठास मिलती है, वह चीनी से 30 से 50 गुना ज्यादा मीठी होती है, लेकिन इससे दांत नहीं सड़ते.

मौसम बदलने पर होने वाली सूखी खांसी और गले की खराश में मुलेठी एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है और कफ बाहर निकालती है.

आधा चम्मच मुलेठी पाउडर में एक चम्मच शहद और एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर लेने से गले की जकड़न और कफ में तुरंत राहत मिलती है.

मुलेठी पेट के एसिड को दबाने के बजाय पेट की सुरक्षात्मक परत (म्यूसिन) को मजबूत करती है, जिससे एसिड रिफ्लक्स और सीने की जलन में आराम मिलता है.

मुलेठी के सक्रिय घटक जैसे ग्लैब्रिडिन और आइसोलीक्विरीटीजेनिन सूजन की प्रक्रिया को रोकते हैं, जिससे इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) में मदद मिलती है.

मुलेठी में शक्तिशाली एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया को दांतों के इनेमल से चिपकने से रोककर प्लाक और कैविटी से बचाते हैं.

मुलेठी की जड़ का छोटा टुकड़ा या पाउडर 10 मिनट गर्म पानी में भिगोकर एक प्रभावी, अल्कोहल-मुक्त नेचुरल माउथवॉश तैयार किया जा सकता है.