आखिर क्यों दी जाती हैं बकरे कि बली? यहां जानें इसके पीछे की वजह
07 जून 2025 आज पूरे देश में मुसलमान बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ ईद-उल-अजहा यानी बकरी ईद का पर्व मना रहे हैं
यह त्योहार त्याग, भक्ति और अल्लाह की राह में सब कुछ समर्पित करने की भावना को दर्शाता है.
आज बाजारों में रौनक दिखाई दे रही हैं, बच्चे नए कपड़ों में खुशी से झूमते नजर आ रहे हैं और घरों में खास पकवान जैसे बिरयानी, सेवइयां और कबाब बनाए गए.
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट जारी है.
सुबह की नमाज के बाद मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दे रहे है
इसके बाद लोगों ने कुर्बानी दी और मांस को गरीबों व ज़रूरतमंदों में बांटा, लेकिन क्या आप जानते है की कुरबानी देने के पिछे की वजह क्या होती है
इस्लामिक परंपरा के अनुसार, हज़रत इब्राहिम ने अल्लाह के कहने पर अपने बेटे हज़रत इस्माइल को कुर्बान करने का संकल्प लिया था. लेकिन अल्लाह ने उनकी नीयत को देखकर उनके बेटे की जगह एक जानवर भेज दिया.
इस घटना की याद में ही हर साल बकरी ईद मनाई जाती है. इस दिन मुसलमान जानवर (जैसे बकरी, भेड़, ऊंट आदि) की कुर्बानी देते हैं और उसका मांस ज़रूरतमंदों में बांटा जाता है.
यह त्योहार त्याग, भक्ति और अल्लाह के प्रति पूरी निष्ठा का प्रतीक है.
इस्लामिक मान्यता के अनुसार, हज़रत इब्राहिम अपने बेटे हज़रत इस्माइल को अल्लाह के कहने पर कुर्बान करने जा रहे थे। लेकिन जब वह कुर्बानी देने लगे, तो अल्लाह ने उन्हें रोक लिया और उनके बेटे की जान बचा ली.
इसी याद में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार मनाया जाता है.