क्या आप जानते हैं? इस एक मिश्रण में छिपे हैं कई इलाज

आज की अनियमित और भागदौड़ भरी जिंदगी में कमजोर पाचन और घटती इम्यूनिटी सबसे बड़ी समस्या है

आयुर्वेद के पास इसका समाधान त्रिकटु के रूप में है

त्रिकटु का अर्थ है तीन तीखी औषधियां सोंठ (सूखी अदरक), काली मिर्च और पिप्पली. ये तीनों मिलकर शरीर की जठराग्नि (पाचन अग्नि) को प्रज्वलित करती हैं

सोंठ (सूखी अदरक) आवाज को साफ करती है, गले की खराश दूर करती है और शरीर में सूजन को कम करने में बेहद कारगर है. सर्दी-खांसी में तुरंत राहत देती है

वहीं काली मिर्च शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती है. यह फेफड़ों को साफ करती है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती है

त्रिकटु न केवल पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है बल्कि सर्दी, खांसी, अस्थमा, मोटापा, सुस्ती, बार-बार बीमार पड़ना और कमजोरी जैसी कई समस्याओं में रामबाण की तरह काम करता है

आधा चम्मच त्रिकटु चूर्ण को गुनगुने पानी या शहद के साथ सुबह खाली पेट लें. रात को सोते समय गर्म दूध के साथ लेने से खांसी और बलगम में तुरंत आराम मिलता है

डॉक्टर की सलाह के अनुसार त्रिकटु की मात्रा बढ़ाई-घटाई जा सकती है. इसे घर पर ही समान मात्रा में सोंठ, काली मिर्च और पिप्पली मिलाकर आसानी से बनाया जा सकता है