पालतू कुत्ते से कंट्रोल होगा हाई बीपी? जानें डॉक्टर्स का जवाब

विशेषज्ञों और रिसर्च के अनुसार, पालतू जानवरों (कुत्ते या बिल्ली) के साथ समय बिताने से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सकारात्मक मदद मिलती है.

ऑफिस में घंटों बैठकर काम करने, नींद की कमी, गलत खानपान और बढ़ते मानसिक तनाव की वजह से युवाओं में हाई बीपी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.

लगातार स्ट्रेस से कोर्टिसोल और एड्रेनालिन हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे बीपी बढ़ता है. पेट्स के साथ खेलने से मन शांत होता है और तनाव कम होता है.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, पालतू जानवर को सहलाने या उसके साथ वक्त बिताने से शरीर में ऑक्सीटोसिन और एंडोर्फिन जैसे 'हैप्पी हार्मोन्स' बढ़ते हैं.

हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार, पेट ओनर्स अपने जानवरों को घुमाने के लिए रोजाना बाहर निकलते हैं, जिससे उनकी शारीरिक गतिविधि स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है.

रोजाना कम से कम 30 मिनट की तेज वॉक से वजन नियंत्रित रहता है, हृदय की कार्यक्षमता सुधरती है और ब्लड प्रेशर का स्तर कम करने में मदद मिलती है.

पालतू जानवर भावनात्मक सहारा देते हैं. अकेले रहने वाले लोगों या बुजुर्गों में सामाजिक जुड़ाव की भावना बढ़ती है, जिससे डिप्रेशन और चिंता कम होती है.

विशेषज्ञ साफ करते हैं कि केवल पेट्स रखने से बीमारी ठीक नहीं होगी. यह एक सहायक थेरेपी है, न कि मुख्य डॉक्टरी इलाज.

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार बीपी सही रखने के लिए समय पर दवा लें, कम नमक खाएं, नियमित एक्सरसाइज करें, पूरी नींद लें और स्मोकिंग से दूर रहें.