फिर फैला 'ब्रेन-ईटिंग अमीबा' का खतरा, जानें उपाय के तरीके
अमीबिक मेनिन्जाइटिस एक घातक बीमारी है, जिसमें मृत्यु दर 97 प्रतिशत से अधिक होती है
यह नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश करने वाले अमीबा के कारण होता है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मतली, उल्टी, भ्रम और बाद में दौरे और कोमा शामिल हैं
इसमें ठहरे हुए या दूषित पानी में नहाने से बचना, सार्वजनिक जल स्रोतों में क्लोरीनेशन सुनिश्चित करना और पानी में नाक बंद करने के लिए नोज क्लिप का उपयोग करना शामिल है
14 अगस्त को कोझिकोड जिले की एक नौ साल की बच्ची की इसी बीमारी से मौत हो गई थी
उसे 13 अगस्त को तेज बुखार होने के कारण स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, लेकिन भर्ती होने के कुछ घंटों के भीतर ही उसकी मौत हो गई थी
बाद में जांच में पता चला कि उसको प्राइमरी अमीबिक मेनिंजोइनसिफेलाइटिस नाम की बीमारी थी. यह बीमारी तब होती है जब 'ब्रेन ईटिंग अमीबा' नाक के रास्ते शरीर में जाकर दिमाग को संक्रमित कर देता है
इसी तरह, इस साल फरवरी में कोझिकोड के चेंगोट्टुकाव की एक 39 साल की एक महिला की भी अमीबिक मेनिनजाइटिस से मौत हो गई थी. वह करीब एक महीने तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ती रहीं
स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि बारिश के मौसम में जलस्रोतों में संक्रमण की आशंका ज्यादा होती है. यही कारण है कि हाल के दिनों में लगातार नए मामले सामने आ रहे हैं