धनिया की तासीर ठंडी होती है, जो सुबह के समय पेट की जलन, हाइपरएसिडिटी और शरीर की अतिरिक्त गर्मी को शांत करने में मदद करती है.
रात को 1 चम्मच साबुत धनिया मूसल से हल्का कूट लें ताकि उसकी बाहरी परत फट जाए, फिर इसे 250ml पानी में रातभर भिगोकर रखें.
सुबह इस पानी को धीमी आंच पर सिर्फ 2-3 मिनट पकाएं. ध्यान रखें कि इसे ज्यादा उबालना नहीं है, वरना इसमें मौजूद 'लिनालूल' पोषक तत्व नष्ट हो जाएगा.
धनिया में पाया जाने वाला लिनालूल पेट की नसों और मांसपेशियों को आराम देता है, जिससे सुबह-सुबह पेट फूलने, गैस और एसिडिटी से राहत मिलती है.
धनिया में क्वेरसेटिन, एपिजेनिन और कैफिक एसिड जैसे पावरफुल फ्लेवोनोइड्स होते हैं, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम कर इम्युनिटी बढ़ाते हैं.
यह पानी अग्न्याशय (pancreas) को इंसुलिन स्राव के लिए प्रेरित करता है और लिवर में शुगर को तोड़ने वाले एंजाइम्स को सक्रिय कर ग्लूकोज लेवल को नियंत्रित करता है.
धनिया का पानी किडनी को उत्तेजित कर मूत्र उत्पादन बढ़ाता है, जिससे शरीर से एक्स्ट्रा सोडियम और विषैले टॉक्सिन्स आसानी से बाहर निकल जाते हैं.
सुबह खाली पेट इसे गुनगुना पीने से शरीर में जमा अतिरिक्त पानी बाहर निकलता है, जिससे सुबह चेहरे और त्वचा पर दिखने वाली सूजन कम होती है.
इसे छानकर नाश्ते से 30 मिनट पहले पिएं. यदि आप डायबिटीज की दवा ले रहे हैं या हाइपोग्लाइसीमिया है, तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करें.