आम समस्या या बीमारी! सर्दियों में बर्फ जैसे ठंडे रहते हैं पैर? एक्सपर्ट ने बताई वजह
कड़ाके की ठंड में पैर ठंडे होना नॉर्मल है, लेकिन अगर मोटे मोजे और रजाई के बाद भी पैर गर्म न हों, तो यह चिंता की बात हो सकती है.
एक्सपर्ट्स इसको लेकर बताते हैं कि लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर हमारी नसों (Nerves) को नुकसान पहुंचा सकता है.
जब डायबिटीज की वजह से नसें कमजोर होती हैं, तो पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट या बेवजह ठंड महसूस होने लगती है. इसे नजरअंदाज न करें.
डायबिटीज के कारण पैरों तक खून का बहाव (Blood Flow) धीमा हो जाता है. सर्दियों में नसें सिकुड़ने से यह समस्या और बढ़ जाती है.
अगर पैरों के ठंडेपन के साथ आपको ज्यादा प्यास लग रही है, बार-बार यूरिन जाना पड़ रहा है या घाव धीरे भर रहे हैं, तो शुगर टेस्ट जरूर कराएं.
पैर ठंडे रहने की एक बड़ी वजह खराब ब्लड सर्कुलेशन भी हो सकती है. ज्यादा देर बैठना, स्मोकिंग या फिजिकल एक्टिविटी की कमी से भी ऐसा होता है.
अगर पैरों की स्किन पीली या नीली पड़ रही है और साथ में ऐंठन (Cramps) महसूस हो रही है, तो यह खून की कमी या ब्लॉक नसों का संकेत हो सकता है.
बचाव के लिए पैरों को हमेशा गर्म मोजों से ढक कर रखें, रोजाना कम से कम 20-30 मिनट वॉक करें और दिन भर में एक ही जगह ज्यादा देर न बैठें.
बचाव के लिए पैरों को हमेशा गर्म मोजों से ढक कर रखें, रोजाना कम से कम 20-30 मिनट वॉक करें और दिन भर में एक ही जगह ज्यादा देर न बैठें.