क्या आपको ठंड के मौसम में नींद नहीं आती? अपनाएँ ये आसान उपाय
अच्छी नींद शरीर के लिए अमृत के समान होती है. अगर शरीर को पूरा आराम और नींद नहीं मिलती है तो मन से लेकर शारीरिक गतिविधियां तक प्रभावित होने लगती हैं
मनुष्य की रचनात्मकता क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता और स्मरण शक्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ऐसे में अच्छी नींद भी भोजन की तरह ही बहुत जरूरी होती है
आयुर्वेद में नींद को त्रयोपस्थंभ में शामिल किया गया है, जिसका अर्थ है जीवन को स्थिर रखने वाले मुख्य तीन स्तंभ. इसमें आहार, नींद और ब्रह्मचर्य आता हैं
आयुर्वेद में माना गया है कि जब शरीर में वात दोष का असंतुलन होता है तो नींद आने में परेशानी होती है
इसके अलाव कई बार ऐसा होता है कि रात के समय अचानक मस्तिष्क एक्टिव हो जाता है और दूर-दूर तक नींद नहीं आती. ये शरीर में हॉर्मोन के असंतुलन की वजह से होता है
शीत ऋतु में नींद का ख्याल रखना ज्यादा जरूरी होता है, क्योंकि इस मौसम में शरीर में वात और कफ दोष बढ़ता है. ऐसे में रात के समय जल्दी और हल्का खाना खाएं
शरीर को नींद के लिए तैयार करना भी महत्वपूर्ण कदम है. बिस्तर पर जाने से पहले मानसिक तनाव को अलग कर दें
इसके अलावा रात के समय फोन चलाने से बचें. सोने से पहले अपने कमरे में चंदन या लैवेंडर की सुगंधित मोमबत्ती का भी इस्तेमाल कर सकते हैं