घी खाने से हार्ट अटैक? जानिए क्या कहती है नई रिसर्च

घी और सैचुरेटेड फैट को हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों की मुख्य वजह मानी जाती है.

रिसर्च के बाद सैचुरेटेड फैट के खिलाफ वैश्विक नीतियां बनीं, जिसमें घी को भी गलत तरीके से शामिल कर लिया गया.

20,000 लोगों पर हुए हालिया मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि सही मात्रा में घी खाने से कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड के स्तर में कोई खास चेंज नहीं होता.

रोज घी का नियमित सेवन करने वाली भारत की ग्रामीण आबादी में भी दिल की बीमारियों का वैसा खतरा नहीं देखा गया.

मेडिकल साइंस के अनुसार हर सैचुरेटेड फैट एक जैसा नहीं होता. उसकी चेन की लंबाई और स्रोत तय करते हैं कि शरीर पर क्या असर होगा.

घी केवल सैचुरेटेड फैट नहीं है, इसमें ब्यूटिरिक एसिड, कंजुगेटेड लिनोलिक एसिड (CLA) और विटामिन A, D, E, K जैसे पोषक तत्व भी होते हैं.

घी का नुकसान इस बात पर निर्भर करता है कि आप उसे किस मात्रा में और किस तरह के खाने के साथ खा रहे हैं.

हरी सब्जियों, दालों और साबुत अनाज के साथ रोजाना एक चम्मच घी का सेवन करना सेहत के लिए सुरक्षित है.

अभी की रिसर्च ज्यादा संतुलित है, घी का सेवन बंद करने की जगह इसकी सही मात्रा और अपनी overall डाइट का ध्यान रखें.