स्क्रीन टाइम ही नहीं, इन वजहों से भी सूख सकती हैं आंखें

जब आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं बनते या वे जल्दी सूख जाते हैं, तो इसे 'ड्राई आई'  कहते हैं.

अक्सर लोग इसे सिर्फ मोबाइल-लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल मानते हैं, लेकिन इसके पीछे कई अन्य कारण भी होते हैं.

स्क्रीन देखते समय हम सामान्य से कम पलकें झपकाते हैं, जिसकी वजह से  आंखों की नमी तेजी से गायब होने लगती है.

बढ़ती उम्र की वजह से आंसू बनने की मात्रा कम हो जाती है. इसके अलावा शरीर में हॉर्मोनल बदलाव भी इसका बड़ा कारण हैं.

कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स और लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के कारण आंखों का सूखापन बढ़ जाता है.

धूल, धुआं, तेज हवा या बहुत कम नमी (Dry Air) वाले एनवायरनमेंट में रहने से भी आंखों की नमी सूख जाती है.

आंखों में लगातार जलन, चुभन, लालपन, धुंधलापन या आंख में कुछ फंसा हुआ महसूस होना इसके लक्षण हैं.

बचाव के लिए स्क्रीन देखते समय बीच-बीच में ब्रेक लें, बार-बार अपनी पलको को झपकाएं और भरपूर पानी पिएं.

अगर लक्षण गंभीर है तो इसे नजरअंदाज न करें. खुद से दवा डालने के बजाय आई स्पेशलिस्ट (Ophthalmologist) से जांच कराएं.